Bharat Ki Videsh Niti, 5/e

Bharat Ki Videsh Niti, 5/e

Vikas Publishing
  • 9789353381707
  • 384 pages
  • Paperback
  • 6.75 X 9.5 inches
  • Book 350.00
  • 2019

 

विदेश नीति के माध्यम से प्रत्येक देश अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा तथा अभिवृद्धि सुनिश्चित करता है। भारत भी अपनी विदेश नीति को अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के संदर्भ में निर्धारित और लागू करता है। भारत ने प्रारंभ से ही स्वयं को गुटों की राजनीति से पृथक रखा। यह नीति समय की कसौटी पर खरी उतरी। राष्ट्रों की पारस्परिक निर्भरता के युग में भारत सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर आधारित मैत्री को प्रोत्साहित करने वाली विदेश नीति पर चलता आया है। विभिन्न अन्तर्राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय संगठनों में भी भारत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
सरल भाषा में लिखित इस पुस्तक में पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंधों पर बल देते हुए, दो महाशक्तियों के साथ संबंधों का सटीक विवेचन किया गया है। इस रचना में भारत की सुरक्षा एवं परमाणु नीतियों तथा संयुक्त राष्ट्र एवं सार्क में भारत की भूमिका का विश्लेषण भी किया गया है। भारत-चीन संबंधों में हो रहे सुधार, तथा विवादास्पद भारत-अमरीकी परमाणु समझौते की समीक्षा भी की गई है।
स्नातक, स्नातकोत्तर एवं संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के लिए एक प्रामाणिक पुस्तक।

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1. विदेश नीति और राष्ट्रीय हित, 2. भारत और जलवायु परिवर्तन की राजनीति, 3. भारत की विदेश नीति के निर्धारक तत्त्व, 4. भारत की विदेश नीति के उद्देश्य और सिद्धान्त, 5. गुट-निरपेक्षता की नीति, 6. भारत और उसके पड़ोसी देशः पाकिस्तान, 7. भारत और उसके पड़ोसी देशः चीन, 8. भारत और उसके पड़ोसी देशः नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका, 9. निरस्त्रीकरण, भारत की सुरक्षा और परमाणु अप्रसार, 10. भारत और संयुक्त राष्ट्र, 11. भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क), 12. भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका, 13. भारत-रूस संबंध, 14. गुट-निरपेक्षता से परमाणु भारत तक, 15. भारत और इजराइल सम्बन्धः प्रवृत्ति और संभावनाएँ, 16. 21वीं सदी में भारत की विदेश नीति • विहंगावलोकन