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Udyemaan Adhunik Bhartiya Samaj Mein Shiksha

Udyemaan Adhunik Bhartiya Samaj Mein Shiksha

Vikas Publishing
  • 9789325986725
  • 202 pages
  • Paperback
  • 6.75 X 9.5 inches
  • Book 175.00
  • 2015

 

शिक्षा एक सजीव, सतत एवं गतिशील प्रक्रिया है। शिक्षा ही मानव को मनुष्यत्व का दर्शन कराती है और इसी के द्वारा ही समाज में सुधार लाया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा की दार्शनिक एवं समाज शास्त्रीय प्रकृति को समझना आवश्यक है। इन्हीं तथ्यों को इस पुस्तक में खोजने का प्रयास किया गया है। यह पुस्तक शिक्षा शास्त्र के पाठ्यक्रम के अनिवार्य विषय के प्रमुख अध्यायों को समेकित किया गया है। प्रस्तुत पुस्तक बी.ए., एम.ए. शिक्षा शास्त्र, बी.एड., एम.एड. के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी।

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1. शिक्षा की प्रकृति, 2. शिक्षा की दार्शनिक प्रकृति, 3. शिक्षा की समाजशास्त्रीय प्रकृति, 4. मूल्य शिक्षा, 5. नैतिक शिक्षा, 6. पर्यावरण शिक्षा, 7. जनसंख्या शिक्षा, 8. राष्ट्रीय विकास और शिक्षा, 9. मानवीयकरण के लिए शिक्षा, 10. चरित्र निर्माण के लिए शिक्षा, 11. शिक्षा और समानता, 12. राष्ट्रीय एकता और शिक्षा, 13. अन्तर्राष्ट्रीय सद्भावना, 14. दलित वर्ग और शिक्षा, 15. भविष्योन्मुखी शिक्षा • संदर्भ ग्रंथ-सूची